छत्तीसगढ़ में आयुष्मान इलाज ठप

Fri 30-Jan-2026,11:00 AM IST +05:30

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छत्तीसगढ़ में आयुष्मान इलाज ठप Ayushman-Bharat-Treatment-Stopped-Chhattisgarh
  • आयुष्मान इलाज बंद होने से सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का अतिरिक्त दबाव बढ़ने और स्वास्थ्य व्यवस्था पर संकट गहराने की आशंका।

  • AHPI से जुड़े निजी अस्पतालों ने 1500 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया भुगतान को लेकर राज्य सरकार को अल्टीमेटम दिया।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए आज से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। राज्य के निजी अस्पतालों ने इस योजना के अंतर्गत इलाज अस्थायी रूप से बंद करने का ऐलान किया है। यह फैसला बकाया भुगतान को लेकर लिया गया है, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

Association of Healthcare Providers India (AHPI) से जुड़े निजी अस्पतालों ने स्पष्ट किया है कि जब तक राज्य सरकार द्वारा लंबित भुगतान नहीं किया जाता, तब तक आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का इलाज नहीं किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि सरकार पर 1500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया है, जो लंबे समय से अटकी हुई है।

निजी अस्पतालों ने मरीजों को पहले से सूचित करने के लिए अस्पताल परिसरों में पोस्टर और लिखित नोटिस भी लगाए हैं। इन नोटिसों में साफ तौर पर कहा गया है कि आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज फिलहाल बंद रहेगा। इससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों में चिंता का माहौल है।

AHPI ने राज्य सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो यह बंदी लंबी अवधि तक जारी रह सकती है। संगठन का कहना है कि लगातार बकाया भुगतान के कारण अस्पतालों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है और स्टाफ, दवाइयों व संसाधनों का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है।

इस फैसले का सबसे ज्यादा असर गरीब, जरूरतमंद और ग्रामीण इलाकों के मरीजों पर पड़ रहा है, जो आयुष्मान भारत योजना के भरोसे निजी अस्पतालों में इलाज कराते थे। अब ऐसे मरीजों को मजबूरी में सरकारी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ सकता है, जिससे वहां मरीजों का दबाव बढ़ने की आशंका है।

फिलहाल इस पूरे मामले में राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मरीजों और उनके परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द समाधान निकालकर आयुष्मान योजना के तहत इलाज दोबारा शुरू करवाएगी।